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Monday, 11 November 2024

अक्टूबर माह (1 से 15 ) में गृहणियों तथा महिला कृषको के लिये अनुशंसा

गृहिणियों एवं महिला कृषकों हेतु अनुशंसा इस प्रकार है :

  • रबी फसलों हेतु घर के बने बीज की ग्रडिंग एवं साफ सफाई करें फिर अंकुरण परीक्षण करें. 75 % से कम अंकुरण आने पर बीज बदल दें.
  • घर के आसपास की भूमि पर गृहवाटिका में परिवार के सदस्यों हेतु जैविक ढंग से पौष्टिक सब्जी-भाजी जैसे लौकीतोरईभिण्डीबैंगनसेमटमाटर आदि बोयें । इनमें रसायनों का उपयोग कतई न करें।
  • कृषक समूह / कृषक महिला समूह बनायें । सामूहिक भावना से कार्य करें और समूहों को प्राप्त होने वाले लाभ लें।
  • उपयोग के बाद समस्त कृषि यंत्रों की सफाई करेंआयलिंग करें एवं ग्रीस लगायें ताकि जंग लगने से सुरक्षा कर सकें ।
  • नीम की पत्ती तथा निबौली उबालें तथा ठण्डा होने पर मसल कर छानें । छानकर निकाले हुए प्रति लीटर रस में छोटी चम्मच डिटर्जेन्ट पाऊडर मिलाकर सब्ज़ियों  पर प्रति सप्ताह छिड़काव करें जिससे पौध सुरक्षा सुंश्चित हो  
  • कद्दूवर्गीय सब्ज़ियों में लाल कीड़े का प्रकोप होने पर चूल्हे की ठंडी राख का भुरकाव करें ।
  • भोजन में अधिकाधिक रंग की सब्ज़ियों को शामिल करें । भोजन में जितनी अधिक रंग की साग सब्जियाँ होंगी भोजन उतना ही अधिक पौष्टिक होगा ।
  • कतारों में बोई गई सब्ज़ियों में साईकिल कुल्पा (हैण्ड व्हील हो) द्वारा निंदाई - गुड़ाई करें अथवा मिट्टी चढ़ायें ताकि शारीरिक श्रम में कमी आये तथा समय की बचत हो । कुल्पे के उपयोग से पौधे का विकास बेहतर होता है एवं उपज में वृद्धि होती है । इस यंत्र पर 50 प्रतिशत अनुदान पाने हेतु अपने क्षेत्र के ग्राम सेवक से अपना प्रकरण बनवायें ।
  • रबी फसलों हेतु घर के बीज की ग्रेडिंग व साफ-सफाई कर अंकुरण परीक्षण करें तथा अपना बीज स्वयं बनायें ।
  • बचत करें एवं अपनी बचत को बैंकों या पोस्ट आफिस में रखें ताकि उचित ब्याज प्राप्त होता रहे ।
  • फसलों पर उपयोग किये जाने वाले रसायनों को बच्चों की पहुँच से दूर रखें ।

अक्टूबर माह (1 से 15 ) हेतु दलहन की अनुशंसा

 मूँगउड़दअरहर 

  • जल निकास का समुचित प्रबंधन करें। जहाँ उड़द में 70-80 प्रतिशत फलियाँ पक गई हों वहाँ  समय रहते कटाई करें.  मूँग में जब फलियाँ हरे से काले रंग की होने लगें तब उनकी तुड़ाई करायें. दो से तीन बार में पर्याप्त तुड़ाई के बाद हरी खाद बनाने के लिये अपशिष्ट को ट्रैक्टर की सहायता से खेत में मिला दें. 
  • अरहर में पत्ती लपेटक कीट के  नियंत्रण के लिये इंडॉक्साकार्ब 15.8% ई.सी. की 15 मिली मात्रा प्रति 15 लीटर पानी में मिलाकर छिडकाव करें.